Friday, April 4, 2008
तलब होती है बावली
तलब होती है बावली,क्योंकि रहती है उतावली।बौड़म जी नेसिगरेट ख़रीदीएक जनरल स्टोर से,और फ़ौरन लगा लीमुँह के छोर से।ख़ुशी में गुनगुनाने लगे,और वहीं सुलगाने लगे।दुकानदार ने टोका,सिगरेट जलाने से रोका-श्रीमान जी!मेहरबानी कीजिए,पीनी है तो बाहर पीजिए।बौड़म जी बोले-कमाल है,ये तो बड़ा गोलमाल है।पीने नहीं देतेतो बेचते क्यों हैं?दुकानदार बोला-इसका जवाब यों हैकि बेचते तो हम लोटा भी हैं,और बेचते जमालगोटा भी हैं,अगर इन्हें ख़रीदकरआप हमें निहाल करेंगे,तो क्या यहींउनका इस्तेमाल करेंगे?
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